आर्थराइटिस: आर्थराइटिस के लक्षण और उपचार Arthritis kya hai

आइये आज हड्डियों को मजबूत करने की बात करते हैं। हड्डियाँ उम्र बढ़ने के साथ कमजोर होने लगती हैं। इसे सभी लोग अक्सर लोग अनदेखा कर देते है जो बाद में चलकर काफी तकलीफ से भरा होने लगता है। हड्डियों का कमजोर होना आर्थराइटिस (Arthritis) नामक बिमारी को जन्म देता है। आमतौर पर 30-35 साल तक हड्डियों की मजबूती बढती है। और इस समय के बिच में अगर आप इसपर ध्यान रखते हुए संतुलित आहार का सेवन तथा नियमित व्यायाम करते हैं । तो यह आपके लिए आगे चलकर बोनस शाबित हो सकता है। आहार आप इन चीजों पर ध्यान नहीं दे पा रहे हैं । तो हम आपको कुछ सुझाव देंगे जिसे आप अपनाकर अपनी हड्डियों को मजबूत बना सकते है।

हडि्डयों को मजबूत इन चीजों का ध्यान आवश्य रखें

  • आप अपने खाने में दूध या दूध से बनी सामग्री को शामिल कर सकते हैं। इससे आपके शारीर में कैल्शियम की मात्रा भरपूर होगी।
  • हरी सब्जियों के इस्तेमाल को अपने आहार में बढ़ाएं।
  • सर्दियों के समय में भी अपने नियमित व्यायाम तथा टहलना कम न करें। अत्यधिक सर्दियों के समय में यह कार्य अपने घर के अन्दर करें।
  • हड्डियों के लिए कैल्शियम के आलावा विटामिन डी भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। आप विटामिन डी के लिए रोज सुबह कम से कम 15 मिनट के लिए धुप में अवश्य बैठें।सूरज की रोशनी विटामिन डी का अच्छा श्रोत होता है।

ऑस्टियो आर्थराइटिस और रुमेटॉयड आर्थराइटिस ( Osteoarthritis and second rheumatoid arthritis )

आजकल लोग गठिया से बहुत पीड़ित रहते है जिसका मुख्य कारण हड्डियों का कमजोर होना है। यह मुख्यतः दो प्रकार का होता है पहला ऑस्टियो आर्थराइटिस और दूसरा रुमेटोयड आर्थराइटिस ( Osteoarthritis and second rheumatoid arthritis)। ऑस्टियो आर्थराइटिस बढती उम्र वाले लोगो को अधिक होता है । जबकि रुमेटॉयड आर्थराइटिस कम उम्र में भी हो जाता है । यह बिमारी पिता से पुत्र और फिर उसके पुत्र को तथा फिर उके पुत्र को क्रमशः बढ़ता है। यह परेशानी एक स्थान पर बैठकर काम करने वाले लोगों और धुम्रपान करने वाले लोगों तथा तनाव में रहने वाले लोगो में ज्यादा होता है ।


सर्दियों के समय में यह रोग अधिक उम्र वाले लोगों के जोड़ों के घिसने या कमजोर होने के कारण होता है। मगर आजकल के समय में यह किसी भी उम्र या मौसम में हो जाता है । इसका मुख्य कारण हड्डियों के जोड़ो में यूरिक एसिड जमा होने के कारण होता है।

आर्थराइटिस ( गठिया ) के लक्षण ( arthritis ke lakshan )


जोड़ों में तेज आवाज आना, जोड़ो में अकडन, सूजन, तेज दर्द, उगलियों का दूसरी तरफ मुड़ना ये मुख्य लक्षण होते हैं । इस समय आपको सावधान होने की आवश्यकता है । इस बिमारी के शुरुवाती दिनों में अकडन के साथ तेज दर्द होने लगता है और कुछ समय बाद जोड़ों में दर्द के साथ सूजन आने लगता है ।

आर्थराइटिस के दर्द को ऐसे करें काबू ( arthritis ke dard ko kabu kaise kare )

  • इसके लिए सबसे पहले आपको अपना वजन कम करना आज से शुरू कर देना चाहिए ।
  • रोजाना व्यायाम करना शुरू करें ।
  • टहलना कम न करें ।
  • सूर्योदय से पहले उठें और टहलें तथा सुबह की धुप अवश्य लें।
  • अधिक देर तक एक स्थान पर एक ही स्तिथि में न बैठें।
  • हल्का गर्म पानी पियें और पौष्टिक आहार लें ।
  • समय समय पर यूरिक एसिड की जांच कराएं।
  • कोई भी दवा लेने से पहले डॉक्टर की सलाह अवश्य लें ।

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