Jeera: जीरा पानी की विशेषताएं और उनके लाभ तथा हानि

जीरा:-

ज्ञानवर्धक लेख के साथ एक बार फिर उपस्थित हुआ हूं. दोस्त आज का हमारा लेख ऐसे विषय पर है. जिसके बारे में आपको सुना सुना लगेगा जी बिल्कुल सही कहा आपने यह है जीरा. जीरा के बिना सूना सूना तो लगता है ना. लगभग बहुत सारे मर्ज का इलाज भी है. खाने में ना पड़े तो मजा ही नहीं आता है. और अगर खाने वाले दाल की बात करें तो बिना जीरा के जरा छौका लगाकर खाना फिर बताना.

 जीरा का साइंटिफिक नेम क्यूमिनम सायमिनम है. संस्कृत में इसे जीरक शब्द से वर्णित किया जाता है. संस्कृत ही हमारा मूल भाषा रहा है. तो नामकरण करने के दौरान वस्तुओं के विशेषताओं से संबंधित नामकरण ही किया जाता रहा है. अब हम वही करते हैं अगर किसी का नाम रखना है तो उसके विशेष गुण पर आधारित नाम बरबस ही जुबान पर चलाता है. संस्कृत में इसका नाम जीरक रखने का तात्पर्य इसके उसे विशेषता से संबंधित है. जिसमें किसी को जिन किया जाता है मतलब दुबलापन से होता है. खाना खाने के अर्थों में खाना को जिम करने से है भोजन को पचाने से है.

जीरा का पौधा तथा उत्पादन

दोस्तों जीरा का उत्पादन पौधे से होता है. इसको पुष्प की श्रेणी में रखा गया है. जीरा का पौधा आइए इसके बारे में जानते हैं. जीरा का उत्पादन कैसे होता है जैसा कि मैंने बताया कि जीरा पुष्प की श्रेणी में आता है. तो जीरा के पौधे में पुष्प के साथ ही फल भी लग जाते हैं. दोस्तों जीरा के पौधे की लंबाई 30 सेंटीमीटर से 50 सेंटीमीटर तक होती है तथा इसमें तीन से चार शाखाएं निकलती हैं.

 भारत में इसकी बुवाई स्थल मुख्यता गुजरात व राजस्थान है. जीरा मसाले के रूप में प्रयोग होता है चुकी औसतन 400 किलोग्राम प्रति हेक्टेयर पैदावार ही इसकी मूल्य में मापा जाता है. दोस्तों जीरा के पौधे की बुवाई के लिए सामान्य वातावरण जरूरी होता है. इस पौधे को गर्म व ठंड दोनों वातावरण जरूरी होता है. अगर आप tipsak.com पर जीरा की खेती करने के लाभ या हानि का टिप्स लेना चाहते हो तो हमें जरूर बताएं हम आपको भरपूर जानकारी देंगे. फिलहाल यह जानकारी दूंगा कि इसकी खेती अच्छे से की जाए तो बेहतर लाभ मिलेगा पूरी जानकारी के लिए कमेंट जरूर करे।

इसके बारे में भ पढ़ें – Rice Plant: चावल का पौधा

जीरा के प्रकार:-

मुख्यता जीरा दो प्रकार का होता है. दोस्तों एक जीरा तो शायद आपने अपने किचन में देखा होगा लेकिन दूसरा जीरा अगर आपने नहीं देखा है. तो मैं बता दूं कि दुसरे जीरा को काला जीरा कहते हैं. कहीं कहीं इसे शाह जीरा या श्याह  जीरा भी कहते हैं. दोनों की खूबियां और उपयोग अपने आप में बेमिसाल हैं. दोस्तों आपको जीरा का प्रयोग जरूर करना चाहिए क्योंकि यह एक औषधि भी है. आपको इसके औषधीय गुण अगर पता चल जाए तो मुझे नहीं लगता कि आप बिना जीरा के जीवन को पूरा मानेंगे. खैर tipsak.com तो है ना आइए टिप्स की लाइन लगा दूं. आप भी टिप्स जानें और अन्य को भी बताइए. “कर भला तो हो भला”.

जीरा पानी तथा उसकी विशेषताएं

  •  जीरा पानी कैसे बनाएं:-
  • जीरा पानी के फायदे:-
  • जीरा पानी के नुकसान:-

जीरा पानी कैसे बनाएं:-

 दोस्त नाम से ही वर्णित है जीरा और पानी बस और कुछ नहीं चाहिए. हां ध्यान रहे जीरा कच्चा होना चाहिए भुना हुआ जीरा जीरा पानी के लिए उपयुक्त नहीं होता है. आप बाजार से साफ व शुद्ध जीरा खरीद के लाए मात्रा आप अपने हिसाब से खरीद सकते हैं. किचन में सब्जी दाल या अन्य भी खाद्य सामग्रियों में भी इसकी जरूरत होती है. तो कम से कम 250 ग्राम तो जरूर खरीदें. हालांकि जीरा पानी सबको पीना चाहिए तो जीरा पानी बनाने की विधि जानने से पहले एक लाइन में यह जानना जरूरी है कि जीरा पानी क्यों जरूरी है.

 प्यारे दोस्तों खाना तो सब खाते हैं और खा सकते हैं. लेकिन खाना पचाना बहुत बड़ी बात होती है. खाना पचाने के लिए आपका हाजमा सही होना जरूरी होता है. और हाजमा सही करने के लिए जीरा पानी एकदम जरूरी होता है. जीरा पानी के लिए आप अपने मानक के अनुसार जीरा लीजिये और दो तरीके से पानी बनाइए. तरीके दो हैं आपको जो अच्छा लगे उस तरीके से बनाइए. मैं आपको दोनों तरीके बताता हूं.

 पहला तरीका यह है कि आप एक चम्मच जीरा लीजिए और 4 कप पानी में डालें तथा उसको तब तक उबालें जब तक पानी का रंग जीरे की तरह ना हो जाए. मतलब पीलापन जब तक ना हो जाए. बढ़िया से पका के फिर उसको छान लीजिए. और जब पानी हल्का गुनगुना हो जाए तो आराम आराम से सेवन करिए. एक बार में आप एक कप जीरा पानी का सेवन कर सकते हैं. 4 कप पानी में बना हुआ जीरा पानी दो से तीन कप तक बच जाता है. आपको 1 दिन में इतना जरूर पीना चाहिए. अगर आप चाहें तो एक कप ही बना सकते हैं. एक कप बनाने के लिए आप 1/3चम्मच जीरा डाल के जीरा पानी बना सकते हैं. मात्रा का ध्यान जरूरी है.

 दूसरा तरीका यह है कि आप रात को एक चम्मच जीरा ले ले और उसे दो कप साफ पानी में भिगो दें. सुबह उठने के बाद उसे छान के तुरंत सेवन करें पाचन में बेहद मददगार है. आप चाहे तो उसे गुनगुना भी कर के पी सकते हैं।

 जीरा पानी के फायदे:-

प्यारे दोस्तों असली टिप्स अब मिलेगा आपको जीरा पानी का फायदा है. क्या है आगे पढे. जैसा कि मैंने ऊपर बताया है कि जीरा एक औषधि भी है तो औषधि के बहुत से लाभ भी हैं. दोस्तों क्रम से लाभ का अध्ययन करें-

  1. मोटापा घटाने मे-
  2. हाजमा को मजबूत बनाने मे-
  3. इम्यून सिस्टम मजबूत करता है:-
  4.  त्वचा को चमकदार व सुन्दर बनाने मे:-

1. मोटापा घटाने मे—

 दोस्तों जीरा पानी मोटापा घटाने में सबसे अधिक सहायक है. इससे आपको कैलोरी ना के बराबर मिलती है और चर्बी ज्यादा से ज्यादा कम होती है. सुबह का हल्का गुनगुना एक कप जीरा पानी आपको वजन घटाने में सहायक होगा लेकिन ध्यान रहे आप इसे नियमित प्रयोग में लाएं.

2. हाजमा को मजबूत बनाने मे-

“हाजमा फिट तो जीवन हिट” सुना है ना आपने? वही बात है। यह तो जीरा पानी आपको स्वस्थ रखने और स्फूर्ति प्रदान करने में भी सहायक है. दोस्तों जीरा पानी में स्वादानुसार काला नमक मिलाकर प्रति सुबह और शाम एक-एक कप सेवन से आपको पेट संबंधी परेशानी नहीं होगी. आप खुद को रिलैक्स महसूस करेंगे खाना पचेगा और पेट साफ रहेगा तो जीवन में आनंद ही आनंद रहेगा. चेहरे पर अलग प्रकार की चमक दिखेगी.  लेकिन यहां भी आपको नियमित होना पड़ेगा विश्वास ना हो तो कम से कम 15 दिन लगातार करके देख ले. उसके बाद हमें कमेंट में भी जरूर बताएं ताकि हमारे और भी पाठक इस टिप्स का भरपूर लाभ ले सकें।

3. इम्यून सिस्टम मजबूत करता है:-

 भाई मेरे कोरोना ने पूरे विश्व में इम्यून का डंका बजवा दिया छोटे से छोटे बच्चे को यह पता लग गया कि यह इम्यून सिस्टम क्या होता है. आज हम जो बताने जा रहे हैं उससे यह भी पता चलेगा कि जीरे से इम्यून कैसे मजबूत होता है. दोस्तों जीरा में एंटी ऑक्सीडेंट होते हैं जो शरीर से विषैले पदार्थों को बाहर करते हैं. हमारे शरीर में ऑक्सीजनेशन बेहतर ढंग से होता है। हमारे शरीर के अंदर के प्रतिरक्षण प्रणाली को मजबूत करने वाले anti virus तत्वों को ताकत प्रदान करता है. जो हमारे शरीर के सारे तंत्र को ऐक्टिव ऐण्ड स्ट्रांग रखता है. हमारा शरीर हर प्रकार के विषमताओं को सहने की क्षमता बना लेता है.

 4. त्वचा को चमकदार व सुन्दर बनाने मे:-

 आप समझ सकते हैं जब हम जीरा पानी का प्रयोग करते हैं. वह हमारे इम्यून को तथा हाजमा को मजबूत करता है. इन दोनों सिस्टम के मजबूत होने से हमारा ब्लड बेहतर सरकुलेशन करता है. जो हमारे त्वचा को चमकदार और सुंदर बनाता है. हमारे शरीर में ब्लड की नसें चारों तरफ फैली हुई हैं चाहे वह चेहरा ही क्यों ना हो यही कारण है कि जीरा पानी त्वचा में चमक प्रदान करता है. चुकि जीरा पानी में विटामिन ई की मात्रा भी होती है. जो हमारे त्वचा की शुष्की को खत्म करती है त्वचा मो मुलायम भी बनाती है.

 जीरा पानी के नुकसान:-

प्यारे पाठको दुनिया में ऐसी कोई वस्तु नहीं बनी जिसका गुण केवल पॉजिटिव ही हो नेगेटिव ना हो या सारे गुण नेगेटिव ही हो एक भी पॉजिटिव ना हो. कहने का अर्थ यह है कि हर वस्तु के दोनों पहलू होते हैं नेगेटिव एंड पॉजिटिव. हमने ऊपर जीरा पानी के सारे पॉजिटिव पहलू को जान लिया है. अब इसके नकारात्मक पहलू पर भी एक नजर जरूर डालें वैसे तो इसके नुकसान की बात करें तो नुकसान नगण्य है. फिर भी जो नुकसान हो सकता है वह निम्नलिखित है.

  1. जीरा पानी का ओवर डोज़-
  2. अस्वस्थ व्यक्ति बिना डॉक्टर की परामर्श सेवन ना करें:-
  3. प्रसव के पश्चात:-
  4. पूर्ण स्वस्थ व्यक्ति भी जीरा पानी का सेवन ना करें—

1. जीरा पानी का ओवर डोज़-

मुख्य बिंदु से ही स्पष्ट है दोस्त कि अगर आप अमृत का भी over dose लेंगे तो वह नुकसान ही करेगा. तो tipsak .com  आपको यह टिप्स बताना चाहता है कि अगर आपने जीरा पानी का अधिक सेवन किया है या कर रहे हैं तो प्लीज रुक जाइए. और अपने लीवर और किडनी को क्षति होने से बचाइए. आप जीरा पानी का सेवन एक कप सुबह तथा एक कप शाम को कर सकते हैं या किसी डॉक्टर के परामर्श से कर सकते हैं. इसका ज्यादा सेवन आपको परेशान कर सकता है.

2. अस्वस्थ व्यक्ति बिना डॉक्टर की परामर्श सेवन ना करें:-

 मित्र अगर आप अस्वस्थ हैं मतलब आप को पहले से ही किडनी में प्रॉब्लम है लिवर में प्रॉब्लम है या आप किसी अन्य विशेष परेशानियों से पीड़ित हो तो आप जीरा पानी का सेवन बिना किसी चिकित्सीय परामर्श के ना करें यह आपके लिए घातक साबित हो सकता है।

3. प्रसव के पश्चात:-

वैसे तो गर्भवती महिला सुबह खाली पेट जिला पानी का सेवन कर सकती है. लेकिन अगर प्रसव पश्चात जीरा पानी का सेवन करते हैं तो मां के दूध पर प्रभाव पड़ सकता है जो बच्चे तक को नुकसान पहुंचाता है. अतः बिना चिकित्सीय परामर्श के प्रसव बाद जीरा पानी का सेवन ना करें.

4. पूर्ण स्वस्थ व्यक्ति भी जीरा पानी का सेवन ना करें—

 यह विशेष सलाह है मेरे प्यारे दोस्तों यह मेरा पर्सनल शोध है कारण सहित बता दूं. अगर कोई व्यक्ति स्वस्थ है उसके शरीर पर चर्बी नहीं जमी है उसका हाजमा पूर्ण रूप से स्वस्थ है उसकी त्वचा चमकदार है अन्य कोई बीमारी नहीं है जैसे डायबिटीज कैंसर इत्यादि. उसको जीरा पानी का सेवन इसलिए नहीं करना चाहिए क्योंकि जीरा पानी आपके अंदर जाकर कुछ ऐसे बदलाव जरूर कर सकता है. जिसकी आपको जरूरत नहीं है तो आप बिना कारण के परेशानी लेंगे.

 प्यारे दोस्त अगर आप पूर्ण स्वस्थ हो तब ही ना सेवन करें. पुर्ण स्वस्थ का अर्थ 100% स्वास्थ से हैं. लेकिन आज के परिवेश व वातावरण को देखते हुए मुझे नहीं लगता कि कोई भी पूर्ण स्वस्थ होगा कुछ ना कुछ इंटरनल प्रॉब्लम जरूर रह रही है. सबको तो आजकल के सामान्य व्यक्ति मात्र एक कप 1 दिन में सामान्य तौर पर सेवन कर सकते हैं.

 निष्कर्ष:-

अंत में यह कहना चाहूंगा कि जीरा पानी सब सेवन कर सकते हैं कि नहीं. विशेष परिस्थितियां ही है जो आपको मना कर सकती हैं. जीरा पानी में औषधीय गुण है जो हर सामान्य आदमी को सेवन करने की आज्ञा देता है. आप हमारे लेख को पढ़कर अगर यह टिप्स आजमाना चाहते हैं. तो आप जरूर प्रयोग करें और अपने अनुभव कमेंट बॉक्स में जरुर शेयर करें ताकि हमारे और भी दोस्तों को लाभ मिल सके. हम सब मिलकर एक स्वस्थ समाज का सृजन करने का प्रयास करें किसी त्रुटी के लिए क्षमा प्रार्थी हैं और आपके सुझाव हमें और भी बेहतर बनाएंगे.

धन्यवाद…

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